Truecaller हुआ बेकार? अब कॉल आते ही दिखेगा असली नाम- भारत में लॉन्च हुआ नया फीचर

CNAP Caller New Features: क्या आपको भी रोजाना अनजान नंबर्स से स्पैम कॉल्स की परेशानी है? सुबह से शाम तक बैंक लोन, इंश्योरेंस या फर्जी प्राइज के नाम पर फोन आते रहते हैं, और आप सोचते हैं कि कॉलर कौन है। अब ये दिक्कत खत्म होने वाली है। भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) ने CNAP (Calling Name Presentation) नामक नया caller new features लॉन्च किया है, जो कॉल आने पर ही स्क्रीन पर कॉलर का असली नाम दिखा देगा – बिना किसी ऐप के। लेकिन क्या ये Truecaller को पूरी तरह बेकार कर देगा? इस आर्टिकल में हम विस्तार से जानेंगे कि ये नया सिस्टम कैसे काम करेगा, Truecaller से कैसे अलग है, और आपको क्या करना चाहिए। अगर आप स्पैम से तंग हैं, तो ये बदलाव आपकी डेली लाइफ को आसान बना सकता है।

CNAP क्या है?

CNAP यानी Calling Name Presentation, एक सरकारी स्तर का caller identification सिस्टम है जो टेलीकॉम ऑपरेटर्स के जरिए काम करता है। ये फीचर आपके फोन पर इनकमिंग कॉल के साथ ही कॉलर का KYC-वेरिफाइड नाम दिखा देगा, जो SIM कार्ड रजिस्ट्रेशन के दौरान दर्ज किया गया होता है। अक्सर ये नाम आधार कार्ड से लिंक्ड होता है, इसलिए फर्जी नंबर्स आसानी से पकड़े जा सकेंगे।

TRAI ने अक्टूबर 2025 में DoT (Department of Telecommunications) को CNAP लागू करने की सिफारिश की थी, ताकि टेलीमार्केटिंग स्कैम्स और फ्रॉड कॉल्स पर लगाम लगे। 91Mobiles के अनुसार, दिसंबर 2025 तक ये फीचर ट्रायल फेज में है, और मार्च 2026 तक पूरे भारत में रोलआउट हो जाएगा। ये caller new features खासतौर पर भारतीय यूजर्स के लिए डिजाइन किया गया है, जहां स्पैम कॉल्स की संख्या वैश्विक स्तर पर सबसे ज्यादा है।

पहले Truecaller जैसे ऐप्स पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन CNAP नेटवर्क लेवल पर काम करता है, यानी कोई इंटरनेट या ऐप की जरूरत नहीं। अगर आपका बजट लो-एंड स्मार्टफोन है, तो भी ये फ्री में उपलब्ध होगा।

CNAP कैसे काम करता है?

CNAP का काम सरल लेकिन प्रभावी है। जब कोई कॉल आती है, तो आपका टेलीकॉम ऑपरेटर (जैसे Jio या Airtel) कॉलर के नंबर को अपने KYC डेटाबेस से मैच करता है और नाम को सिग्नल के साथ भेज देता है। आपकी स्क्रीन पर नंबर के साथ नाम पॉप-अप हो जाएगा, जैसे “राम कुमार” या “ABC बैंक”।

  • KYC वेरिफिकेशन: नाम SIM रजिस्ट्रेशन के समय दर्ज आधार या अन्य ID से लिया जाता है। NDTV के मुताबिक, ये प्रक्रिया पूरी तरह सुरक्षित है, क्योंकि डेटा एन्क्रिप्टेड रहता है और केवल नाम ही शेयर होता है।
  • नो इंटरनेट रिक्वायर्ड: पुराने 2G/3G नेटवर्क्स पर भी काम करेगा, जो ग्रामीण इलाकों के लिए फायदेमंद है।
  • प्राइवेसी प्रोटेक्शन: TRAI ने साफ कहा है कि कॉलर को नाम छिपाने का ऑप्शन मिलेगा, अगर वो चाहें।

हालांकि, अगर कॉलर ने फर्जी KYC से SIM लिया है, तो नाम गलत दिख सकता है। लेकिन TelecomTalk के अनुसार, ये फीचर स्कैम्स को 30-40% तक कम कर सकता है, क्योंकि ज्यादातर फ्रॉडर रियल KYC यूज नहीं करते।

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भारत में CNAP का लॉन्च

दिसंबर 2025 में CNAP का रोलआउट शुरू हो चुका है। Jio ने सबसे पहले इसे लाइव किया है, और अब Airtel, Vodafone Idea (Vi) व BSNL भी ट्रायल चला रहे हैं। India TV News के अनुसार, 18 दिसंबर 2025 को Jio ने दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे सर्कल्स में पायलट लॉन्च किया, जहां यूजर्स को तुरंत नाम दिखने लगा।

टेलीकॉम ऑपरेटररोलआउट स्टेटस (दिसंबर 2025)उपलब्ध सर्कल्स
Jioलाइव (ट्रायल)दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, चेन्नई
Airtelट्रायल फेजउत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात
Vodafone Idea (Vi)पायलट टेस्टिंगबिहार, राजस्थान, तमिलनाडु
BSNLशुरुआती ट्रायलपूर्वोत्तर, ओडिशा, झारखंड

MSN के मुताबिक, पूर्ण रोलआउट मार्च 2026 तक होगा, और सभी यूजर्स को SMS अलर्ट मिलेगा। अगर आप Jio यूजर हैं, तो अभी चेक करें – डायल *121# या MyJio ऐप में CNAP एक्टिवेट हो सकता है। ये caller new features छोटे शहरों के लिए खासतौर पर उपयोगी साबित हो रहा है, जहां Truecaller की डेटा एक्यूरेसी कम रहती है।

Truecaller vs CNAP

Truecaller को अब चुनौती मिल गई है, लेकिन दोनों में फर्क साफ है। CNAP बेसिक नाम दिखाता है, जबकि Truecaller AI और कम्युनिटी डेटा से आगे जाता है। Truecaller के ऑफिशियल ब्लॉग के अनुसार, “CNAP नाम दिखाता है, Truecaller सच्चाई बताता है।”

नीचे एक तुलना टेबल है, जो Financial Express और Truecaller के डेटा पर आधारित है:

फीचरCNAP (TRAI)Truecaller
नाम सोर्सKYC/आधार रिकॉर्ड्सकम्युनिटी + AI + ग्लोबल डेटाबेस
स्पैम डिटेक्शननहीं (केवल नाम)हां (ऑटो ब्लॉक, स्पैम लिस्ट)
इंटरनेशनल कॉल्ससीमित (केवल इंडियन नंबर्स)ग्लोबल कवरेज
प्राइवेसीसरकारी कंट्रोल, नाम छिपाने का ऑप्शनयूजर कंट्रोल, लेकिन डेटा शेयरिंग
एक्स्ट्रा फीचर्सकोई नहींकॉल रीजन, बिजनेस वेरिफिकेशन, SMS ID
कॉस्टफ्री (नेटवर्क लेवल)फ्री/पेड प्रीमियम

CNAP caller new features के मामले में Truecaller से ज्यादा एक्यूरेट है KYC के कारण, लेकिन स्पैम ब्लॉकिंग में पीछे है। Medium के एक आर्टिकल में कहा गया है कि CNAP प्राइवेसी-फोकस्ड है, जबकि Truecaller क्राउड-सोर्स्ड होने से कभी-कभी गलत नाम दिखा देता है।

CNAP के फायदे

CNAP लाने का मुख्य मकसद स्पैम रोकना है। LiveMint के अनुसार, भारत में रोज 10 करोड़ से ज्यादा स्पैम कॉल्स आती हैं, और CNAP से ये 50% तक कम हो सकती हैं।

  • इंस्टेंट आइडेंटिफिकेशन: अनजान नंबर पर “जॉन डो – मार्केटिंग” दिखेगा, तो कॉल रिजेक्ट करना आसान।
  • नो ऐप इंस्टॉल: स्टूडेंट्स या सीनियर्स के लिए परफेक्ट, जो Truecaller सेटअप से परेशान रहते हैं।
  • बैटरी सेविंग: बैकग्राउंड ऐप न चलने से फोन की लाइफ बढ़ेगी।
  • स्कैम प्रिवेंशन: फर्जी बैंक कॉल्स पकड़े जाएंगे, क्योंकि नाम असली होगा।

अगर आप दिल्ली में रहते हैं और Jio यूजर हैं, तो अभी ट्रायल जॉइन करें। ये फीचर गर्मियों में AC के बिना बाहर निकलने जैसा रिलीफ देगा – स्पैम से फ्री!

CNAP की सीमाएं

हर अच्छी चीज की तरह CNAP में भी कमियां हैं। Indian Express के मुताबिक, अगर कॉलर ने फर्जी डॉक्यूमेंट्स से SIM लिया, तो नाम गलत दिखेगा।

मुख्य चुनौतियां

  1. नंबर रिसाइक्लिंग: पुराने नंबर पर नया यूजर आ जाए, तो नाम अपडेट में देरी।
  2. इंटरनेशनल कॉल्स: विदेशी नंबर्स पर काम नहीं करेगा।
  3. नेटवर्क लोड: पुराने टावरों पर कॉल सेटअप टाइम बढ़ सकता है।
  4. प्राइवेसी रिस्क: आधार लिंकिंग से डेटा लीक का डर, हालांकि TRAI ने सिक्योरिटी गाइडलाइंस जारी की हैं।

TelecomTalk की रिपोर्ट में कहा गया है कि CNAP Truecaller को पूरी तरह रिप्लेस नहीं करेगा, क्योंकि स्पैम डिटेक्शन मिसिंग है। अगर आप हाई-रिस्क एरिया में रहते हैं, तो अभी भी सावधानी बरतें।

Truecaller के बाकी फीचर्स जो अभी भी उपयोगी हैं

Truecaller बेकार नहीं हुआ – ये अब भी स्पैम शील्ड की तरह काम करता है। कंपनी के ब्लॉग के अनुसार, CNAP के साथ Truecaller कॉम्प्लिमेंट्री है।

  • स्पैम ब्लॉकिंग: AI से 99% एक्यूरेसी, जो CNAP में नहीं।
  • कॉल रीजन: “डिलीवरी अपडेट” या “बैंक अलर्ट” बताता है।
  • फैमिली प्रोटेक्शन: बच्चों के फोन पर पैरेंटल कंट्रोल।
  • ग्लोबल बिजनेस ID: लोगो और वेरिफिकेशन बैज के साथ।

Reddit थ्रेड्स में यूजर्स कह रहे हैं कि CNAP नाम दिखाएगा, लेकिन Truecaller बताएगा कि कॉल स्कैम है या नहीं। अगर आप बिजनेस यूजर हैं, तो प्रीमियम वर्जन रखें – ये long-term value देगा।

क्या Truecaller को अब डिलीट कर दें?

नहीं, जल्दबाजी न करें। अगर आपका फोन Jio या Airtel पर CNAP एक्टिव है, तो टेस्ट करें। लेकिन स्पैम हिस्ट्री चेक करने के लिए Truecaller रखें। X (पूर्व Twitter) पर डिस्कशंस से पता चलता है कि 25 करोड़ भारतीय यूजर्स अभी भी Truecaller पर निर्भर हैं।

  • क्या रखें?: अगर आप स्पैम ब्लॉकिंग चाहते हैं।
  • क्या डिलीट करें?: अगर सिर्फ नाम चेक चाहिए, तो CNAP काफी।
  • टिप: दोनों यूज करें – CNAP फ्री, Truecaller बैकअप।

CNAP से नई शुरुआत, लेकिन स्मार्ट चॉइस जरूरी

CNAP caller new features ने भारत के टेलीकॉम को क्रांति दे दी है – स्पैम से राहत, प्राइवेसी फोकस, और जीरो कॉस्ट। Truecaller अब बेसिक यूजर्स के लिए कम जरूरी हो गया, लेकिन एडवांस्ड प्रोटेक्शन के लिए ये अभी भी टॉप चॉइस है। अगर आप स्पैम से परेशान हैं, तो Jio/Airtel ऐप चेक करें और CNAP एक्टिवेट करें। प्रीमियम ऑफर्स पर Truecaller रखें अगर फैमिली सिक्योरिटी चाहिए।

कहां से शुरू करें? MyJio या Airtel Thanks ऐप डाउनलोड करें, या TRAI हेल्पलाइन 1909 पर कॉल करें। बैंक डिस्काउंट्स के साथ नए फोन खरीदें जो CNAP सपोर्ट करें। सही caller new features चुनकर आपकी डेली लाइफ सुरक्षित और आसान हो जाएगी – आज ही अपडेट चेक करें!

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